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कारण

दर्द नहीं है कोई मौका किसी को युहीं जो मिल जाये फूल नदी या हवा का झोंका बस युहीं जो चल जाये फूलों के बिस्तर वाले इसकी कीमत क्या जानेंगे दर्द उसी को मिलता है जो मरते मरते भी जी … Continue reading

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Posted in जीवन तरंग, श्रृंगार/प्रेम | Tagged , , , , , , | 6 Comments