प्यार

bharat-mata

कुछ बातें उन शहीदों के मुख से !!!

जाने कितने संसार बिखर गए माता तेरे प्यार में
जाने कितने लाल गुजर गए माता तेरे प्यार में
गुज़र गए और बिखर गए जो फूल चुने थे प्यार से
आँचल के तेरे रंग रंगा गए माता तेरे प्यार में ॥

चले गए हंसते हंसते पर आंसू नहीं बहाया है
कटा गए वो सर अपना पर तेरा सर न झुकाया है
तेरे आँचल की रक्षा के हित अपना सब कुछ न्योछार रहे
तन मन और जीवन लुटा गए वो माता तेरे प्यार में ॥

अब कौन सुनाएगा लोरी और कौन दिलाएगा गुड़िया
यादों को सदा सताएगी हंसी ठहाको की पुड़िया
हाथो की थिरकन मुख की चितवन माना कुछ भी है याद नहीं
माँ बाप को भी वो भुला चले ए माता तेरे प्यार में ॥

दुःख कैसे उनके समझेंगे जिनके सर पर अब तारे हैं
वीर शहादत की बातें सब फूल नहीं अंगारे हैं
मन के मनके मनके करके खुशियों की लर जो पिरोई थी
कर दिया समर्पित सब तुमको ए माता तेरे प्यार में ॥

क्रूर सिसायत करती है चंदा और सूरज से तुलना
पर सच में उनको कष्ट नहीं, हैं आंसू उनके बस छलना
कल को वोटों की खातिर उसमे भी धर्म तलासेगे
जो संग में लहू बहा बैठे ए माता तेरे प्यार में ॥

हिम शीतल बर्फ की चादर को हम लहू से अपने गर्म किये
तुम सदा ख़ुशी निर्भीक रहो ये सोच प्राण उत्सर्ग किये
हमको रखकर अपने दिल में अब ऐसे लाल जन्मना तुम
दुश्मन का हृदय चीर लाये ए माता तेरे प्यार में ॥

=============

अमर शहीदों को समर्पित भावपूरित एवम अश्रुपूरित श्रद्धांजलि

नमन

Share
This entry was posted in दुःख, भक्ति and tagged , , , , . Bookmark the permalink.

8 Responses to प्यार

  1. राकेश says:

    sir
    क्या कहूँ

  2. शुभ प्रभात..
    समयोचित व बेहतरीन
    देशगान
    सादर

  3. जय मां हाटेशवरी…
    अनेक रचनाएं पढ़ी…
    पर आप की रचना पसंद आयी…
    हम चाहते हैं इसे अधिक से अधिक लोग पढ़ें…
    इस लिये आप की रचना…
    दिनांक 22/09/2016 को
    पांच लिंकों का आनंद
    पर लिंक की गयी है…
    इस प्रस्तुति में आप भी सादर आमंत्रित है।

    • Pushpendra Singh Gangwar says:

      आभार कुलदीप जी आपके प्रदान किये सुअवसर के लिए

  4. धर्म देव says:

    ह्रदय स्पर्शी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *